महत्वपूर्ण न्यूज़ कार्यक्रम
भारत में अगर न्यूज़ कार्यक्रमो का जहाँ भी ज़िक्र होता है वहां कुछ ऐसे कार्यक्रम भी हैं जिन से इस देश के राष्ट्रीय दर्शक साक्षी बने हैं या यूँ कहें की बन रहे हैं उन कार्यक्रमो का नाम भारत के न्यूज़ कार्यक्रमो की श्रेणी में बहुत आदर से लिया जायेगा. जिनमे व्यक्तिगत तौर पर मुझे जो बहुत ही अच्छे लगे हैं जिनका का नाम मैं आगे करना चाहूँगा. चूँकि मैं बहुत ही पूराना टीवी दर्शक हूँ, तो बात ज़ाहिर तौर पर पुरानी बातों से शुरू होगी. जिस समय मुझे विवेक नहीं था की ये फलां कार्यक्रम किस लिए किस ध्येय से चल रहे हैं, तब दूरदर्शन के अलावा कुछ आता नहीं था तो मन मसोस कर के यही देखना पड़ता था जो अब बहुत याद आता है.
इन कार्यक्रमों की श्रेणी में मैं नाम, क्रोनोलॉजी प्रणाली से लेता हूँ यानी जिस समय से मैंने ये कार्यक्रम देखने शुरू किये।
1. आजतक (दूरदर्शन) : सन् 1997 में दूरदर्शन पर "आजतक" के नाम से प्रसारित होने वाला आधे घंटे का दैनिक समाचार, जिसे सुरेन्द्र प्रताप सिंह यानी की एसo पीo सिंह लेकर आया करते थे. कहा जाता है कि दिल्ली में उपहार सिनेमा में लगी भीषण आग में गई 50 से भी अधिक लोगो की जान के सदमे से बहुत वे आहात हुवे और इस घटना के बाद उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया जिसने उनकी मृत्यु हो गई. एसo पीo भारत में हिंदी पत्रकारिता के नवचेतन में व्याप्त थे. उन से जुडी बहुत सी कहानिया को राजेश बदल के कार्यक्रम "उनकी नज़र उनका शहर" में देखने को मिली. मैं भी एसo पीo सिंह को अपना आदर्श मानता हूँ.
2. आँखों देखी : दूरदर्शन पर ही प्रसारित होने वाले एक दैनिक समाचार का ज़िक्र करूँगा जिसे बहुत दिनों तक नलिनी शर्मा प्रस्तुत करती थी, जिसका नाम है "आँखों देखी" जो शाम को दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाता था.
3. हेड्स एंड टेल : आज के समय में केंद्रीय बाल कल्याण मंत्रालय संभालने वाली, मेनका गांधी भी उन दिनों हेड्स एंड टेल नामक एक साप्ताहिक कार्यक्रम ले कर आती थी जसे दूरदर्शन पर ही प्रसारित किया जाता था.
4. परख : वरिष्ट्र पत्रकार विनोद दुआ द्वारा दूरदर्शन पर ही दिन में दोपहर को "परख" प्रसारित किया जाता था.
5. आप की अदालत : रजत शर्मा का बहुचर्चित कार्यक्रम "आप की अदालत" आज भी टीवी की टीआरपी रेटिंग में अपने झंडे गाड़े हुवे है जो विगत 22 वर्षों से सफलता पूर्वक चल रहा है, जो सामाजिक सरोकार, देश हित और जन सौहार्द के लिए महत्वपूर्ण है.
6. रवीश की रिपोर्ट : आज के दिनों में भारतीय हिंदी पत्रकारिता के सबसे बड़े सम्मोहन रवीश कुमार का कार्यक्रम "रवीश की रिपोर्ट" जिसमे रवीश के अभूतपूर्व कार्य के लिए चारो तरफ से सराहना मिलती है. व्यक्तिगत तौर पर आज के पत्रकारीय दर्शन में "रवीश की रिपोर्ट" कार्यक्रम बहुत ही शीर्ष स्थान रखता है.
7. प्रधानमंत्री : एबीपी न्यूज़ और मशहूर बॉलीवुड फ़िल्म निर्देशक शेखर कपूर के साझा प्रयास से हिन्दुस्तान के बनने की कहानी बयान करता प्रधानमंत्री कार्यक्रम बहुत ही बारीकी से तथा तथ्यों पर विशिष्ट अन्वेषण के बाद तैयार किया गया है, जिसमे आजादी के बाद का भारत तथा उसकी वैश्वविक तथा आंतरिक राजनीति, विदेश निति, आर्थिक निति और सामाजिक निति का व्यापक तरीके से तथा भारत की बहुलता का 25 एपिसोड्स में विवरण किया गया है.
8. उनकी नज़र उनका शहर : उन महान हस्तियों तथा उसके कार्यों को याद दिलाता राजेश बादल द्वारा राज्यसभा टीवी पर प्रसारित किया जाने वाला कार्यक्रम "उनकी नज़र उनका शहर" का हर प्रशारण हर्षन्वित और गौरवान्वित कर देता है.
9. रामराज्य : मशहूर रेडियो स्टोरी टेलर नीलेश मिसरा के अगुवाई में एबीपी न्यूज़ पर प्रसारित किया गया "रामराज्य" कार्यक्रम जो विश्व के बहुत से देशों व्यवस्था को या एक तरह से कहें उन देशों की विविध प्रणाली का अन्वेषण करता है और भारत के नागरिको को ये सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्या वाकई भारत में भी ऐसा रामराज्य संभव है!?
10. मीडिया मंथन : राज्यसभा टीवी के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम "मीडिया मंथन" जिसे रविवार के 4 बजे प्रसारित किया जाता है, जिसके सूत्रधार वरिष्ट पत्रकार श्री उर्मिलेश जी हैं. इस कार्यक्रम में तमाम मीडिया से जुड़ी अच्छी-बुरी बातों का सही तरह से विश्लेषण और मंथन किया जाता है जिसमें मीडिया के कई जानकार इस कार्यक्रम में शिरकत करते हैं. एक पत्रकारिता के विद्यार्थी को इस कार्यक्रम को ज़रूर देखना चाहिए.
हिमांशु तिवारी
26/08/2015
दिल्ली

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